अमेरिकी बैंकें भारत आना चाहती हैं, रिजर्व बैंक इजाजत नहीं दे रही है
अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास के आर्थिक व राजनीतिक मामलों के प्रमुख से मनीष उपाध्याय की खास बातचीत
इंदौर। देश के मध्य में स्थित होने के कारण कई अमेरिकी कंपनियाँ मध्यप्रदेश में निवेश करने को इच्छुक हैं। एफडीआई की सीमा बढ़ने पर निवेश में तेजी आ सकती है। इसके अलावा अमेरिका की इस वर्ष एच-1बी वीजा की संख्या बढ़ाने की कोई योजना नहीं है, क्योंकि पिछले साल ही तय कोटे से कम वीजा आवेदन आए थे।
यह बात मुंबई में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के आर्थिक व राजनीतिक मामलों के प्रमुख माइकल न्यूबिल ने नईदुनिया के साथ विशेष बातचीत में कही। दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हिन्दी और उर्दू का अध्ययन करने वाले श्री न्यूबिल ने बताया कि कई अमेरिकी कंपनियाँ अभी तक केवल भारत के समुद्र तटीय क्षेत्रों के आसपास ही स्थित हैं। मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित है, इसलिए कई अमेरिकी कंपनियों की इस राज्य में आने में रुचि है। कंपनियाँ इस राज्य के जरिए पूरे देश में अपने सामानों का वितरण कर सकेंगी। मध्यप्रदेश में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता को महत्वपूर्ण बताते हुए श्री न्यूबिल ने कहा कि भारत में ही मौजूद कई अमेरिकी कंपनियाँ अपना एक्सपांशन मध्यप्रदेश में आकर करने की इच्छा रखती हैं।
कम वीजा आवेदन आएश्री न्यूबिल ने बताया कि फिलहाल भारत में कोई भी नया वीजा सेंटर खोलने का कई इरादा नहीं है। हाल ही में हमने हैदराबाद में वीजा सेंटर खोला है। फिलहाल एच-1बी वीजा की संख्या फिलहाल नहीं बढ़ाई जाएगी, क्योंकि इस साल ही तय कोटे से कम संख्या में इस श्रेणी के वीजा के आवेदन आए है। इसकी वजह अमेरिका की आर्थिक मंदी भी हो सकती है।
भारत पर नजरकई अमेरिकी कंपनियाँ भारत में निवेश करने की इच्छुक हैं। कई अमेरिकी बैंकें भारत आना चाहती हैं, लेकिन आरबीआई इजाजत नहीं दे रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कई कंपनियाँ आना चाहती हैं। बैंक, बीमा, रिटेल जैसे क्षेत्रों में एफडीआई की सीमा बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं, यदि इन क्षेत्रों में एफडीआई बढ़ाया जाता है, तो निश्चित रूप से अमेरिकी कंपनियाँ अपना निवेश बढ़ाना चाहेंगी। अमेरिकी कंपनियाँ मप्र में निवेश को इच्छुक अमेरिकी बैंकें भारत आना चाहती हैं, रिजर्व बैंक इजाजत नहीं दे रही है
Wednesday, September 16, 2009
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment